अनुष्का चक्रवर्ती सुसाइड मामला
अनुष्का का दो बार हुआ पोस्टमार्टम; फॉरेंसिक एक्सपर्ट के इस्तीफे और विसरा जांच पर टिकी मर्डर या सुसाइड की गुत्थी
झारखंड हाई कोर्ट की महिला अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत का मामला इस समय राज्य के सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक बना हुआ है।
न्यायालय में आत्मसमर्पण
आरोपी पति कुशाग्र रुद्र ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद हजारीबाग के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव त्रिपाठी की अदालत में आत्मसमर्पण किया है। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सरेंडर से पहले वीडियो जारी
कुशाग्र रुद्र ने आत्मसमर्पण करने से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया और उल्टा अपने ससुर व मायके पक्ष पर प्रताड़ना और मोटी आर्थिक मांगों के गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि वह अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता था।
परिजनों के गंभीर आरोप
दूसरी तरफ, मृतका अनुष्का चक्रवर्ती के पिता और परिजनों ने कुशाग्र रुद्र और उसके परिवार पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कर शव को फंदे से लटकाने (मर्डर) का मुकदमा दर्ज कराया है।
हाई कोर्ट का हस्तक्षेप और SIT जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने इस केस की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी की देखरेख में कराने का आदेश दिया था। हजारीबाग एसपी अमन कुमार ने मामले की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
पुलिस रिमांड की तैयारी
सदर एसडीपीओ रूपेश कुमार सिंह के अनुसार, पुलिस अब आरोपी कुशाग्र रुद्र को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए अदालत में आवेदन दे रही है, ताकि मौत से जुड़े असली सच और साक्ष्यों को सामने लाया जा सके।
घटना की पृष्ठभूमि
अनुष्का चक्रवर्ती का शव 22 अक्टूबर 2026 को हजारीबाग के बंगाली टोला स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। अनुष्का रांची में झारखंड हाई कोर्ट में वकालत करती थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उससे जुड़ी प्रक्रिया
अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उससे जुड़ी प्रक्रिया इस केस का सबसे संवेदनशील और अहम हिस्सा बन चुकी है।
दो बार हुआ पोस्टमार्टम
अनुष्का की संदिग्ध मौत को लेकर परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने और भारी विरोध के बाद, हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शव का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया।
मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच
मृतका के भाई देवजीत चक्रवर्ती द्वारा झारखंड हाई कोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर किए जाने के बाद, परिजनों की मांग पर दूसरी बार का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के साथ कराया गया ताकि साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ न हो सके।
अस्पताल में फॉरेंसिक विवाद
अनुष्का के शव का बैक-टू-बैक दो बार पोस्टमार्टम किए जाने के दबाव के बाद, अस्पताल के इकलौते फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट डॉ. मनीष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे अस्पताल की पोस्टमार्टम व्यवस्था भी दो दिनों तक प्रभावित रही।
अंतिम रिपोर्ट और विसरा जांच का इंतजार
पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौत की असली वजह (कि यह आत्महत्या है या गला घोंटकर की गई हत्या) का पूरी तरह साफ होना अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा। पुलिस ने विसरा को सुरक्षित रखकर जांच के लिए लैब भेज दिया है।
परिजनों की शिकायत
सोशल मीडिया और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, परिजनों का कहना है कि उन्हें अभी तक विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट की आधिकारिक कॉपी नहीं सौंपी गई है और वे पुलिस प्रशासन से इसे जल्द सार्वजनिक कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
2 नवंबर 2026 को हाईकोर्ट में सुनवाई
झारखंड हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 नवंबर 2026 तक पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। उम्मीद है कि इस सुनवाई के दौरान पोस्टमार्टम से जुड़े कई अहम वैज्ञानिक साक्ष्य अदालत के सामने रखे जाएंगे।

