वेलिंगटन / नई दिल्ली:
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने श्रृंखला के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 87 रनों की करारी शिकस्त दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही कीवी टीम ने श्रृंखला में शानदार वापसी की है। मैच के असली हीरो न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स रहे, जिन्होंने मैदान के हर कोने में चौके-छक्कों की बरसात कर एक ऐतिहासिक पारी खेली। फिलिप्स के तूफानी शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 84 रनों के बड़े अंतर को पाटने में नाकाम रहते हुए महज 144/8 के स्कोर पर ही सिमट गई।
न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने श्रृंखला के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय टीम को हर मोर्चे पर पछाड़ते हुए 87 रनों की करारी शिकस्त दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही कीवी टीम ने श्रृंखला में शानदार वापसी की है। मैच के असली हीरो न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स रहे, जिन्होंने मैदान के हर कोने में चौके-छक्कों की बरसात कर एक ऐतिहासिक पारी खेली। फिलिप्स के तूफानी शतक के दम पर न्यूजीलैंड ने भारत के सामने विशाल लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवरों में 84 रनों के बड़े अंतर को पाटने में नाकाम रहते हुए महज 144/8 के स्कोर पर ही सिमट गई।
ग्लेन फिलिप्स का तूफान: मैदान पर रचा नया इतिहास
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आए ग्लेन फिलिप्स ने आते ही भारतीय गेंदबाजों पर धावा बोल दिया। फिलिप्स ने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि महज कुछ ही गेंदों में मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया।
उन्होंने मैदान के चारों ओर 360 डिग्री शॉट लगाते हुए एक अविश्वसनीय और ऐतिहासिक पारी खेली। फिलिप्स की इस पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने टी20 क्रिकेट इतिहास में भारत के खिलाफ अपना वन ऑफ द बेस्ट स्कोर खड़ा किया। भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज, जो पिछले मैचों में किफायती साबित हो रहे थे, आज फिलिप्स के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। फिलिप्स ने अपनी इस पारी के दौरान कई बड़े रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए, जिसने कीवी प्रशंसकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
भारतीय गेंदबाजी बेअसर, फील्डिंग में भी छूटे पसीने
इस मुकाबले में भारतीय टीम की ताकत मानी जाने वाली गेंदबाजी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। शुरुआती पावरप्ले में विकेट निकालने के बाद भारतीय गेंदबाज रनों की गति पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। ग्लेन फिलिप्स और कीवी मध्यक्रम ने भारतीय गेंदबाजों की लाइन-लेंथ को पूरी तरह बिगाड़ दिया। डैथ ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। इसके अलावा, आज भारतीय फील्डर्स का दिन भी अच्छा नहीं रहा। मैदान पर कुछ अहम कैच छूटे और मिस-फील्डिंग की वजह से न्यूजीलैंड को कई अतिरिक्त रन मिले, जिसने अंत में मैच का अंतर बहुत बड़ा कर दिया।
144 रनों पर सिमटी भारत की पारी: टॉप ऑर्डर का सरेंडर
विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम से एक जुझारू मुकाबले की उम्मीद थी, लेकिन कीवी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। पावरप्ले के अंदर ही भारत के शीर्ष क्रम के तीन प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। न्यूजीलैंड की तेज पिचों पर भारतीय बल्लेबाज स्विंग और अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए।
मध्यक्रम में कुछ बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन कीवी गेंदबाजों की कसी हुई लाइन और सटीक रणनीति के आगे वे ज्यादा देर नहीं टिक सके। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहने के कारण रन गति लगातार बढ़ती गई और भारतीय टीम पूरी तरह दबाव में आ गई। अंततः, भारतीय पारी 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 144 रन ही बना सकी।
श्रृंखला का समीकरण: अगला मुकाबला होगा निर्णायक
इस ऐतिहासिक जीत के साथ न्यूजीलैंड ने श्रृंखला को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। 87 रनों की यह विशाल जीत न सिर्फ न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय टीम मैनेजमेंट को भी अपनी रणनीतियों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर करेगी। भारतीय कप्तान ने मैच के बाद स्वीकार किया कि टीम आज तीनों विभागों (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और ग्लेन फिलिप्स की पारी ने उनसे मैच पूरी तरह छीन लिया। अब दोनों टीमों की नजरें अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम वापसी करने के इरादे से उतरेगी, वहीं कीवी टीम अपनी इस लय को बरकरार रखना चाहेगी।

