एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का शानदार और दबदबा भरा प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने मेजबान चीन को 5-2 से करारी धूल चटाई है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंक तालिका में शीर्ष पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर गजब का तालमेल और आक्रामक खेल दिखाया। भारत की इस एकतरफा जीत के असली सूत्रधार कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्टार फॉरवर्ड सुखजीत सिंह रहे, जिन्होंने अपनी जादुई स्टिक का कमाल दिखाते हुए चीनी रक्षापंक्ति को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया और बेहतरीन गोल दागे।
हरमनप्रीत की ड्रैग-फ्लिक और सुखजीत का मैदानी जादू
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने चीन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना लिया था। कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग-फ्लिकर्स में शुमार हरमनप्रीत सिंह ने आज एक बार फिर साबित किया कि उन्हें ‘पेनल्टी कॉर्नर का बादशाह’ क्यों कहा जाता है। उन्होंने चीनी गोलकीपर को कोई मौका न देते हुए बुलेट की रफ्तार से गेंद को नेट में डाल दिया।
दूसरी ओर, सुखजीत सिंह ने फील्ड हॉकी का बेजोड़ नमूना पेश किया। सुखजीत ने चीनी डिफेंडरों को छकाते हुए डी (D) के अंदर बेहतरीन सर्कल पेनिट्रेशन किया और मैदानी गोल दागकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इन दोनों दिग्गजों के गोल ने भारतीय टीम को मैच में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
चीनी टीम की चुनौती हुई ध्वस्त, भारत का डिफेंस रहा अभेद्य
शुरुआती क्वार्टर में पिछड़ने के बाद घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही चीनी टीम ने वापसी की कुछ कोशिशें जरूर कीं। चीन ने जवाबी हमले करते हुए भारतीय खेमे में सेंध लगाने का प्रयास किया और दो गोल करने में सफलता भी हासिल की। हालांकि, उनकी यह चुनौती भारतीय शेरों के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
भारतीय मिडफील्ड और डिफेंस ने काउंटर-अटैक की रणनीति अपनाई। अनुभवी पीआर श्रीजेश और भारतीय गोलकीपर (लाइन-अप के अनुसार) ने चीन के कई खतरनाक मूव्स को नाकाम कर दिया। भारत के पास गेंद पर नियंत्रण (पजेशन) अधिकांश समय रहा, जिसके कारण चीन की टीम मैच में वापसी के लिए लगातार संघर्ष करती नजर आई।
युवाओं ने दिखाया दम: फुल टाइम तक भारत का एकतरफा दबदबा
हाफ टाइम के बाद भारतीय टीम और अधिक आक्रामक नजर आई। हरमनप्रीत और सुखजीत के अलावा भारतीय युवा फॉरवर्ड लाइन ने भी इस मैच में अपनी चमक बिखेरी। भारतीय फॉरवर्ड्स के बीच का पासिंग गेम इतना सटीक था कि चीनी खिलाड़ी सिर्फ गेंद के पीछे दौड़ते रह गए।
लगातार हमलों के दबाव में चीन की डिफेंस लाइन ने कई गलतियां कीं, जिसका फायदा उठाकर भारत ने मैच समाप्त होने तक कुल 5 गोल दाग दिए। जब रेफरी ने फुल-टाइम की सीटी बजाई, तब स्कोरबोर्ड पर भारत 5 और चीन 2 के अंतर से स्पष्ट रूप से विजेता बन चुका था।
सेमीफाइनल की राह हुई आसान: कोच ने की टीम की तारीफ
चीन पर इस 5-2 की बड़ी जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने टूर्नामेंट के अगले नॉकआउट चरण (सेमीफाइनल) के लिए अपना दावा बेहद मजबूत कर लिया है। मैच के बाद भारतीय मुख्य कोच ने टीम के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कप्तान हरमनप्रीत ने आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया और सुखजीत का फॉर्म में होना टीम के लिए बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। हालांकि हमने दो गोल खाए, जिस पर हमें अगले मैचों में सुधार करना होगा, लेकिन कुल मिलाकर लड़कों ने बेहतरीन हॉकी खेली।” इस शानदार जीत के बाद भारतीय हॉकी प्रशंसकों का उत्साह सातवें आसमान पर है और अब हर किसी को उम्मीद है कि भारतीय टीम 2026 की यह चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम जरूर करेगी।

